विवाह पंजीकरण व मानकीकरण
हिंदू सनातन दंपत्तियों के पारंपरिक विवाह को सूचीबद्ध करना, निश्चित सीमाएं व मानक निर्धारित करना तथा विवाह प्रमाण-पत्र जारी करना।
न्याय, समानता और नैतिक मूल्यों के साथ सनातन समाज के कानूनी और व्यक्तिगत अधिकारों को सुरक्षित करने हेतु समर्पित राष्ट्रव्यापी मंच।
सनातन मठ-मंदिरों, देवस्थानों और धार्मिक भूभागों की सुरक्षा हेतु गठित स्थायी उपसमिति का मुख्य विधिक संकल्प एवं कार्ययोजना।
भारत के सभी हिंदू सनातन मठ, मंदिरों, देवालयों, तीर्थ स्थलों, कुण्डों और संपत्तियों को सूचीबद्ध करना ताकि उनका अस्तित्व सुरक्षित रहे।
पौराणिक स्थलों, पीठों और न्यासों पर हो रहे अवैध कब्जे, अतिक्रमण तथा बिना अनुमति होने वाली खरीद-बिक्री के विरुद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई।
शासकीय पंजीकरण से पूर्व बोर्ड की सहमति व अनापत्ति प्रमाण-पत्र अनिवार्य करना, जिससे महंत या सेवाइत स्वतः संपत्तियां न बेच सकें।
वसुधैव कुटुम्बकम् की पावन भावना के साथ हिंदू सनातन समाज की एकता, अखंडता, सांप्रदायिक सौहार्द और विधिक अधिकारों के लिए समर्पित केंद्रीय कार्यकारिणी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फाउंडर सदस्य
राष्ट्रीय महासचिव एवं फाउंडर सदस्य
राष्ट्रीय सचिव
राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष
राष्ट्रीय प्रवक्ता
राष्ट्रीय उपसचिव
राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष
राष्ट्रीय सह-प्रवक्ता
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
सनातन धर्मवलम्बियों की समस्याओं, सुझावों और विधिक सहायता के आदान-प्रदान के लिए बोर्ड का आधिकारिक प्रशासनिक ढांचा।
म. नं. एस 10/7 1क, हुकुलगंज (हथुआ बंगला) मकबूल आलम रोड, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
9235703050, 8602788250
समग्र भारत के हिंदू नागरिकों को उनके व्यक्तिगत, पारिवारिक व धार्मिक परिसंपत्ति अधिकारों के संबंध में त्वरित परामर्श और कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करने का निर्णय।
शासकीय पंजीकरण से पूर्व बोर्ड के अनापत्ति एवं सत्यापन प्रमाण-पत्र की विधिक अनिवार्यता को प्रभावी ढंग से लागू करने की कार्ययोजना।
न्यायालयों में वाद दाखिल करने से पूर्व बोर्ड स्तर पर मामलों के निस्तारण और पीड़ित नारियों को 40% संगठनात्मक भागीदारी के साथ विधिक सहायता देना।
ऑल इंडिया हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड की आधिकारिक सदस्यता ग्रहण कर हिंदू व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण और हिंदू समाज के संवर्धन की विधिक लड़ाई में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
प्राथमिक स्तर पर संगठन से जुड़ाव एवं स्थानीय विधिक जागरूकता अभियानों में भागीदारी।
स्थाई संगठनात्मक सदस्यता, विधिक प्रकाशनों की उपलब्धता तथा बोर्ड की राष्ट्रीय गतिविधियों में जीवनपर्यंत सहभागिता।
विशेष विधिक समितियों में परामर्शदात्री भूमिका, सम्मेलनों में प्राथमिक आमंत्रण एवं विशेष विधिक अधिकार।
बोर्ड के सर्वोच्च मार्गदर्शक मंडल का हिस्सा, महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों में विधिक परामर्श एवं विशेष सम्मान।